हे याै बाैवा के पापा
जुन जाऊ ।
बड मारै छै ,,,,
ताेड दैछै।
सगराै घुमैय अछ कराेना ॥
तँ भानस बना लिया
सँ बनल
आहाँ केटाईम पास भःजैइत
हे याै बाैवा के पापा
घर मे सुतल सुतल
भरि दिन परल परल
उठु- उठु ने कनि
धाै दिया कपरा
भेटत ।
आहाँ के बड मन फुराईया
मे घुसा
दिन भैइर बैसल हम ।
हम काज मे लागल रहै छि
तँ सुईत रहै छि
एकाे मिनेट हमरा संग
हरदम काजे मे बेहाल
खियाल
घर चलैया हमरे कमाई सँ
बुझलाैऊ आई
आऊ दुनु गाेटे मिलकः
खुसी खुसी मिल कः अपन
छि ।।
बाहर
लक डाउन मे पुलिस
हाड पाजर
ताहि पर बजर खसाैना ।
याै माेन नै लगैया ,,,,
अपन हाथ
खीर पुआ खुवा दिया
हमर हिरदय जुरैइत
बाहर जुनि जाऊ ।
देह टाईट भःजाईत
मन भसियैत
हमराे टाईम भेटत
हमराे आराम
हे यैय बाैवा भुटकि के ममी
हमरा भानस
आहाँ के हिरदय जुराईया
ईहे देखै छि ।
हे यैय बाैवा भुटकि के ममी
थाकल रहैछि
आहाँ सगरैत घुईम अबैछि ।
आहाँ कहाँ बैसैछि
सबके रखैछि
हम काईल तक बुझलाैऊ
लेकन
चलै घर अही के श्रन सँ
गिरहसती चलब
(-जनकनन्दनी गाउँपालिका वाड नम्बर ४ खजुरी जिल्ला धनुषा, नेपालः हाल कतार)